एनीमिया मुक्त भारत के लिये जन-जागरूकता.......(सही पोषण-देश रोशन)

सही पोषण-देश रोशन

     
एनीमिया मुक्त भारत के लिये जन-जागरूकता.......

                      कई सर्वेक्षणों से संकेत मिलता है कि देश का कोई राज्य आयोडीन अल्पता विकार से मुक्त नही है तथा लगभग दो तिहाई बच्चे, प्रजनन आयु की महिलाएं एवं किशोरियां देश भर में लौह तत्व की कमी से प्रभावित है। मानव के लिये आयोडीन और लौह (आयरनद्) का दैनिक उपयोग आवश्यक है। राष्ट्रीय परिवार एवं स्वास्थ्य सर्वेक्षण (NFHS-4 के) अनुसार बिहार राज्य में 60.3% महिलाएं, 63.5%  बच्चे (6 से59 माह)  तथा 32.3%  पुरूष रक्तहीनता (एनीमिया) से पीड़ित हैं। 


                    खाद्य पुष्टिकरण सूक्ष्म पोषक तत्वों की कमी को नियंत्रित करने का अति महत्वपूर्ण प्रयास है। आयोडीन अल्पता विकार एवं रक्त हीनता से मुक्ति हेतु दैनिक उपयोग के लिए प्रोत्साहित किये जाने वाला दोहरी पुष्टिकृत नमक (आयरन एवं आयोडीन-युक्तद्) एक नई तकनीक का अभिनव खाद्य उत्पाद है। जिसके मानव के भोजन में अल्प मात्रा में उपयोग करने पर भी आयोडीन एवं आयरन का महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त होता है।
                         सबसे कम लागत पर  अति महत्वपूर्ण दो सूक्ष्म पोषक तत्वों को मानव उत्पादकता, मातृ एवं शिशुओं की जीवन रक्षा को प्रभावी अवसर प्रदान करने के लिये  (कल्‍याण प्लस डबल फोर्टिफाइड नमक) (आयरन एवं आयोडीनयुक्त) सरकार पोषित योजनाओं (आँगनबाड़ी एवं मध्याह्न भोजन) के साथ-साथ सामाजिक विपणन नीति अन्तर्गत आम लोगो को भी सहज सुलभ कराने का प्रयास किया जा रहा है। एनीमिया मुक्त भारत एवं राष्ट्रीय पोषण अभियान की सफल क्रियान्वयन हेतु जन जागरूकता एवं जनभागीदारी आवश्यक है।

 आपका सहयोग, स्वस्थ बिहार, समृद्ध बिहार के लिये.........!

पुष्टिकृत खाद्य पदार्थ खरीदते समय    +F    का निशान अवश्य देख लें।

दोहरी पुष्टिकृत नमक को वायुरोधक जार में रखें तथा इसका उपयोग खाना बनाते समय अंत में करें।

INAKS, पटना (नि0सं01169/2007-08), द्वारा जनहित में प्रचारित ।





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